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सोशल मीडिया पर लाखों दोस्त फिर भी अकेलापन, ऐसा क्यों!

सोशल मीडिया पर लाखों दोस्त फिर भी अकेलापन, ऐसा क्यों! May 20, 2020Leave a comment

यह ज़माना है सोशल मीडिया का। यहां आपको किसी भी जानकारी से लेकर मिलता है दोस्तों का साथ भी। जी हाँ सोशल मीडिया वाले दोस्त। और अब तो आप घर बैठे काम भी कर सकते हैं। बस अपनी प्रोफाइल अपलोड कीजिये और आपको आपके मन के मुताबिक काम मिल जाता है। अब न तो बॉस की कीच कीच न ही आफिस की थकान और सरहकर्मियों से अनबन। सोशल मीडिया आज आपको सब कुछ तो दे रहा है। फिर अकेलेपन की शिकायत क्यों?

आज हम उस दौर में जहां बस एक क्लिक से हमें सब कुछ मिल जाता है। सोशल मीडिया पर न जाने कितने दोस्त हैं हमारे लेकिन बचपन के उस यार के बारे में कुछ पता ही नही जिसके साथ अब तक का हर पल बीता, जिसके साथ क्लास बंक करके पहली बार पिक्चर देखने गये थे, पहला प्यार जब हुआ था तो सबसे पहले जिसके साथ शेयर किया था और हां जब पहली बार दिल टूटा था तब भी उसी का कंधा ढूंढा था रोने के लिए। याद तो है ना जी हां वही दोस्त जो आपकी मुस्कुराहट में भी आपकी उदासी ढूंढ लेता था। आज इतने दोस्त होने के बाद भी आज कोई भी ऐसा क्यों नही है जो आपको समझ सके।


आज आप अगर चाहें तो घर बैठ कर काम कर सकते हैं बड़ा अच्छा लगता है ये सोचकर कि अपने घंटे हम खुद निर्धारित कर सकते हैं। लेकिन आपको पता है जब आप बाहर जाते हैं तो बाहरी दुनिया के संपर्क में आते हैं। आपके लोगो से, परिस्थितियों से सीधा संपर्क स्थापित होता है। आप इस काबिल होते हैं कि लोगो को समझ सकें, मौसम का मज़ा ले सकें, आपकी समझ का विस्तार हो सके। जब भी बाहर होते हैं तो दिन कब कट जाता पता ही नही चलता और घर पर दिन कटे नही कटता।

सोशल नेटवर्किंग हमको सब कुछ दे रहा है। मगर सबसे ज्यादा दे रहा है अकेलापन। और इसके ज़िम्मेदार हम खुद हैं। शायद यही वजह है बढ़ते सुसाइड रेट की। दिल की बातें अगर दिल में दबी रहेंगी तो बोझ तो बढ़ेगा ही न दिल पर।

तो एक दिन के लिए सोशल मीडिया से छुट्टी लीजिये और यारों से आपके अपनो से मिलिए और लिख कर नहीं दिल खोलकर अपने दिल की बातें करिये। लड़िये, झगड़िये, बीच सड़क पर मस्ती करिये। पुराने दिन याद करिये। फिर देखिए जो कई दिनों से तबियत खराब लग रही है अब अच्छी लगने लगेगी।