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विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां मृत व्यक्ति भी हो जाते हैं जिंदा- जानें !

विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर जहां मृत व्यक्ति भी हो जाते हैं जिंदा- जानें ! January 12, 2020Leave a comment

एक ऐसा मंदिर जहां मृत व्यक्ति भी जिंदा हो सकता है, दोस्तों यह लाइन पढ़कर आपको थोड़ा बहुत अलग सा लगा होगा,शायद आपको झूठ भी लगा होगा, लेकिन जी हां दोस्तों मैं आपको बिल्कुल सच बता रहा हूं| दोस्तों वैसे तो हमारे देश में हर दिन हर जगह बहुत सारे चमत्कार होते रहते हैं, लेकिन अगर मैं आपको ऐसा कहूं की मृत आदमी भी जिंदा हो सकता है, तो शायद आपको को मजाक सा लगता होगा, और आपको इस बात पर विश्वास नहीं होगा लेकिन दोस्तों यह बात बिल्कुल सच है।
हमारे देश में एक ऐसा भी मंदिर है जहां मृत व्यक्ति का शरीर अगर वहां ले जाया जाए तो वह शरीर कुछ समय के लिए जिंदा हो जाता है।हम बात कर रहे हैं लाखामंडल शिवलिंग मंदिर के बारे में लाखामंडल शिवलिंग मंदिर की या खासियत है कि जब भी कोई व्यक्ति इस शिवलिंग का जलाभिषेक करता है तो फिर शिवलिंग में उसके सारे की स्पष्ट करती ही दिखाई देती है | आज हम आप को लाखामंडल मंदिर के अद्भुत शिवलिंग के नजारे के बारे में बात करेंगे।


उत्तराखंड का लाखामंडल मंदिर कई मान्यताओं के लिए जाना जाता है उसमें से एक मान्यता यह है कि महाभारत काल में दुर्योधन के द्वारा पांडवों को जलाने के लिए लाक्षागृह का निर्माण कराया था, और अज्ञातवास के दौरान महाराज युधिष्ठिर ने शिवलिंग की स्थापना इसी मंदिर में की थी जो आज भी मौजूद है, प्रांगण में मौजूद शिवलिंग के सामने दो द्वारपाल पश्चिम की ओर मुंह करके खड़े है माना जाता है कि कोई भी मृत व्यक्ति के शरीर को द्वारपालों के सामने रख दिया जाता था,तो पुजारी के द्वारा अपना मंत्र जप पाला जल छिड़कने पर मृत शरीर फिर से जिंदा हो जाता था, और इस प्रकार मृत व्यक्ति यहां पर लाया जाता था और मंत्र जल छिड़कने पर फिर से कुछ पलों के लिए जिंदा हो जाता था,और उनके बाद गंगा जल ग्रहण कर और भगवान का ध्यान करके बैकुंठ धाम को प्राप्त हो जाता था,


लाखामंडल मंदिर के पश्चिमी भाग मैं दो द्वारपाल खड़े हैं जिसका एक हाथ कटा हुआ है जो अंन सोल्जर से बने हुए हैं, इतना ही नहीं संतान प्राप्ति के लिए अगर इस मंदिर में शिवरात्रि की रात मैं स्त्री शिवालय के मुख्य द्वार पर बैठकर शिवालय की ज्योति को एकटक देखती रहे और शिव मंत्रों का जाप करती रहें तो उन्हें 1 साल के अंदर संतान प्राप्त होती है, और या स्थान म्रडेशवर महादेव के नाम से जाना जाता है, यह मंदिर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के जॉनसन पावर सेक्टर में स्थित लाखामंडल स्थान पुरातात्विक धरोहर के रूप में विश्व विख्यात है।
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