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इस ‘भिकारी’ ने जीता PM मोदी का दिल, बांट चूका है 100 परिवारों को ‘राशन’ और 3500 ‘मास्क’!

100 परिवारों को 'राशन' और 3500 'मास्क' बांट चूका है ये 'भिकारी,' PM मोदी भी बन गए 'फैन'!

इस ‘भिकारी’ ने जीता PM मोदी का दिल, बांट चूका है 100 परिवारों को ‘राशन’ और 3500 ‘मास्क’! June 2, 2020Leave a comment

कुछ लोग अपना जीवन दूसरों की मदद के लिए ही समर्पित कर देते हैं। कोई भी व्यक्ति लोगों की मदद करने पक्का इरादा कर लें तो शारीरिक अक्षमता अथवा आर्थिक स्थिति आपकी राहों में कभी भी रोड़ा नहीं बन सकती है। आज हम एक ऐसे दिव्यांग भिखारी के बारे में बात करेंगे जो भिखारी होते हुए भी किसी राजा से कम नहीं है। उस भिखारी की प्रशंसा करने वालो में स्थानीय लोगों के साथ साथ भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी हैं।

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो में प्रसारित मन की बात कार्यक्रम में पठानकोट में रहने वाले राजू की प्रशंसा की। लॉक डाउन के बीच राजू ने ऐसा उदाहरण पेश किया है। जिसके कारण उसे हमेशा याद किया जाएगा। राजू आपको पंजाब के पठानकोट इलाके में भीख मांगता हुआ दिख जाएगा। लॉकडाउन में राजू ने 100 से अधिक गरीब परिवारों को 1 महीने का राशन और करीब 3500 से ज्यादा मास्क बांट चुका है।

राजू अपनी व्हील चेयर पर पठानकोट की गलियों में भीख मांगता है। राजू दिव्यांग है। राजू को अपना पेट पालने के लिए जितने पैसे की आवश्यकता होती है वह खर्च करता है। बाकी पैसा राजू जरूरतमंद लोगों की मदद करने में खर्च कर देता है। पठानकोट के अधिकतर लोग राजू को उसकी नेक काम की वजह से बहुत ही अच्छी तरह से जानते हैं। लोग राजू को दिल खोलकर दान भी देते हैं।
राजू ने कई गरीब लड़कियों की शादी करवाई है। इसके अलावा गरीब बच्चों की फीस जमा करता है। अपने क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उसने कई महिलाओं को सिलाई मशीन भी खरीद कर दी है। जब राजू को इस बात का पता लगा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उसकी प्रशंसा की है तो उसे इस बात की बहुत ही खुशी हुई।

ऐसा नहीं है की राजू का दुनिया में कोई नहीं है। राजू के तीन भाई और तीन बहनें है। लेकिन 30 साल पहले माता पिता की मृत्यु के बाद दिव्यांग होने के कारण उन्होंने राजू को छोड़ दिया। उसके बाद उन्होंने कभी भी राजू से मुलाकात नहीं की। अपनों की उपेक्षा से दुखी राजू कहता है कि उसके रिश्तेदार और परिवार वाले मैं उसे अपने से दूर कर दिया। भिखारी सड़कों पर घूमते हैं और सड़कों पर ही दम तोड़ देते हैं। उसके अच्छे काम की वजह से शायद उसकी अर्थी को कंधा देने वाला उसे मिल जाए।